दोनो को अपने-अपने office मे काम करना जैसे होता है नरक.
दोन्हीकडे brand-name जेवढं मोठं, तेवढा पैसा जास्त,
पण expectation पूर्ण करायची तेवढीच असते धास्त .
गावातल्या त्या रामाला दुपारीसुद्धा मिळते power nap,
Corporate प्रिय देवाला मात्र काही तासांचीच gap.
दाम है तो काम है ये ही है सत्य अटल,
हरी पत्ती दिखाओ और मिल जाएगी मंदिर की express shuttle.
त्यापेक्षा माणसातलाच तो शोधा देव ,
यापेक्षा मौल्यवान नसेल कुठली ठेव.
मन से रावण जो निकाले राम उसके मन में है,
सुख, शान्ति, समाधान ऐसे ही जीवन में है.
Kya baat hai...simple and chaan
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