Roomie :
तुम बेसहारा हो तो किसीका सहारा बनो,
तुमको अपने आप ही सहारा मिल जायेगा,
डूबती हुई कश्ती को पहुंचा दो किनारे पे,
तुमको अपने आप ही किनारा मिल जायेगा |
me :
किनारे पे पहुचते ही लोग बिखर जायेंगे,
और तुम फिर से बेसहारा हो जाओगे,
पर जिन्दगीका येही दस्तूर है मेरे भाई,
चाहे हो वो ज़मीन या समंदर की गहराई |
Roomie :
बेसहारा होके तुम अपनी आंकें चल्कोगे,
पल पल अपने आप में खो जाओगे,
कुछ न हुआ तो अपने आपको कोसोगे,
फिर भी उन लम्हों में हम याद करोगे |
me:
अपने आप में खोने में क्या है समझदारी
उपरवाले की है दुनिया न्यारी,
याद तो तुम्हारी आएगी मेरे यार,
क्या इसको ही कहते है प्यार?
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